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Janmashtami 2019: Visit Iskon Temple In Delhi

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Iskon Temple In Delhi
Iskon Temple In Delhi

इस्कॉन मंदिर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी को समर्पित मंदिर है। देश ही नहीं दुनियाभर में इस्कॉन मंदिर आपको मिल जाएंगे। दिल्ली में भी कई स्थानों पर इस्कॉन मंदिर बने हुए हैं। लेकिन श्री श्री राधा पार्थसारथी मंदिर दिल्ली का सबसे पुराना इस्कॉन मंदिर माना जाता है। इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी 23-24 अगस्त को मनाई जा रही है। ऐसे में आप इस मंदिर में श्रीकृष्ण के दर्शन कर लाभ ले सकते हैं।

दिल्ली एनसीआर में इस्कॉन मंदिर

दिल्ली एनसीआर में कई इस्कॉन मंदिर हैं। इन सभी मंदिरों में भक्तों की लाइन लगी रहती है। इन मंदिरों का ओरा ही अलग होता है। यहां पहुंचने पर मन अपने आप शांत हो जाता है। सभी परेशानियां मानो यहां के मनोरम वातावरण को देखते ही दूर हो जाती हैं। दिल्ली, नोयडा और गाजियाबाद मिलाकर कई इस्कॉन मंदिर हैं।

-हरे कृष्णा हिल्स पर स्थित है श्री श्री पार्थसारथी मंदिर। यह स्थान दिल्ली के ईस्ट कैलाश में है।

  • श्री श्री राधा गोविंद जी मंदिर पंजाबी बाग, दिल्ली। इसे पंजाबी बाग इस्कॉन मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के साथ खास बात यह है कि इसकी एक गोशाला भी है।
  • दिल्ली के द्वारका में स्थित है श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश मंदिर। इसे इस्कॉन मंदिर, द्वारका के नाम से भी जाना जाता है।
  • नोयडा में श्री कृष्ण जयंती पार्क के पास ही बना है इस्कॉन मंदिर। इसे श्री राधा कृष्ण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर 7 मंजिला है।
  • इस्कॉन टेंपल ग्रेटर नोयडा। ग्रेटर नोयडा में भी इस्कॉन टेंपल है। हालांकि इसका वैदिक सेंटर अभी पूरी तरह डिवेलप नहीं हुआ है।
  • श्री श्री राधा मदन मोहन मंदिर, गाजियाबाद। यहां वैदिक स्टडीज और परफॉर्मिंग आर्ट्स के लिए सेंटर भी बना है। इसे इस्कॉन गाजियाबाद के नाम से भी जाना जाता है।

दिल्ली के इस्कॉन मंदिर से जुड़ी रोचक बातें
– इस्कॉन मंदिर का डिजाइन और निर्माण अच्युत कंविंद द्वारा किया गया है। इस मंदिर को श्री श्री राधा पार्थसारथी मंदिर के नाम से जाना जाता है।
– जन्माष्टमी का त्योहार इस मंदिर में बड़ी धूमधाम से मनाना जाता है। जानकारी के अनुसार, हर साल जन्माष्टमी के अवसर पर करीब 8 लाख श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन करते हैं।
– मंदिर में दिनभर भक्ति-साधना के कार्यक्रम चलते रहते हैं। दिन की पहली आरती सुबह 4:30 बजे होती है, जिसे मंगला आरती कहते हैं। संध्या आरती शाम 7 बजे होती है और हर रात 8 बजे श्रीमद्भगवत गीता का प्रवचन होता है।
– राजभोग आरती दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर होती है। इसके बाद आप 4 बजकर 15 मिनट पर आरती में सम्मिलित हो सकते हैं।
– इसी मंदिर में दुनिया की सबसे बड़ी गीता रखी हुई है, जिसका अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसी साल 26 फरवरी को किया गया।